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राजस्थान के प्राचीन जनपद एवं क्षेत्र – प्रश्नोत्तरी
राजस्थान के प्राचीन जनपद एवं क्षेत्र – प्रश्नोत्तरी
1. मत्स्य जनपद की राजधानी थी
सही उत्तर: (3) विराटनगर
मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर थी जो वर्तमान में जयपुर-अलवर क्षेत्र में स्थित है। महाभारत काल में यह क्षेत्र मत्स्य जनपद के नाम से जाना जाता था और यहीं पर पांडवों ने अपने अज्ञातवास का एक वर्ष बिताया था।
2. कोटा-बँदी का क्षेत्र कहलाता है-
सही उत्तर: (4) हाड़ौती
कोटा-बूंदी क्षेत्र को हाड़ौती के नाम से जाना जाता है। यह नाम यहाँ के हाड़ा राजपूत शासकों के कारण पड़ा। हाड़ौती क्षेत्र में कोटा, बूंदी, बाराँ और झालावाड़ जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति और बोली (हाड़ौती) है।
3. ब्यावर-अजमेर का क्षेत्र कहलाता है-
सही उत्तर: (4) मेरवाड़ा
ब्यावर-अजमेर का क्षेत्र मेरवाड़ा के नाम से जाना जाता है। यह नाम यहाँ के मेर जनजाति के कारण पड़ा। मेरवाड़ा क्षेत्र में अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा और नागौर के कुछ हिस्से शामिल हैं। इस क्षेत्र में मेवाड़ और मारवाड़ की संस्कृति का मिश्रण देखने को मिलता है।
4. जयपुर एवं उसके आसपास के क्षेत्र की भाषा कहलाती है-
सही उत्तर: (1) ढूँढाड़ी
जयपुर और उसके आसपास के क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा को ढूँढाड़ी कहा जाता है। यह नाम ढूंढाड़ क्षेत्र (जयपुर और उसके आसपास) से लिया गया है। ढूँढाड़ी राजस्थानी भाषा की एक उपभाषा है और इसमें ब्रजभाषा व खड़ी बोली का प्रभाव देखने को मिलता है।
5. महाभारतकालीन दो जनपद थे-
सही उत्तर: (3) मत्स्य, शिवि
महाभारत काल में राजस्थान में मत्स्य और शिवि दो प्रमुख जनपद थे। मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर थी जबकि शिवि जनपद की राजधानी मध्यमिका (नगरी, चित्तौड़गढ़) थी। महाभारत में इन जनपदों का उल्लेख मिलता है और ये उस समय के महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र थे।
6. प्राचीनतम ग्रंथ(प्रथम वेद) माना जाता है-
सही उत्तर: (2) ऋग्वेद
ऋग्वेद को सबसे प्राचीन वेद और हिंदू धर्म का सबसे पुराना ग्रंथ माना जाता है। इसे विश्व का प्राचीनतम साहित्यिक ग्रंथ भी कहा जाता है। ऋग्वेद में राजस्थान के मत्स्य और शिवि जनपदों का उल्लेख मिलता है। यह वेद मुख्यतः देवताओं की स्तुति के मंत्रों का संग्रह है।
7. शेखावाटी में सम्मिलित जिले है-
सही उत्तर: (3) सीकर, चुरू, झुन्झुन्
शेखावाटी क्षेत्र में मुख्यतः सीकर, चुरू और झुन्झुनू जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र का नाम यहाँ के शासक राव शेखा के नाम पर पड़ा। शेखावाटी अपने हवेलियों, फ्रैस्को पेंटिंग्स और मारवाड़ी व्यापारियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की बोली को शेखावाटी कहा जाता है जो राजस्थानी भाषा की एक उपभाषा है।
8. खानवा के युद्ध में राणा सांगा की ओर से बाबर के विरूद्ध लड़ते हुए मारा गया वह था-
सही उत्तर: (4) हसन खान मेवाती
खानवा के युद्ध (1527 ई.) में मेवाड़ के राणा सांगा की ओर से लड़ते हुए हसन खान मेवाती शहीद हो गए थे। हसन खान मेवाती मेवात (अलवर-भरतपुर क्षेत्र) के शासक थे और उन्होंने राणा सांगा के नेतृत्व में बाबर के खिलाफ मुगलों का विरोध किया था। यह युद्ध भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसमें बाबर की जीत हुई।
9. मालव देश के अंतर्गत कौनसा क्षेत्र आता था –
सही उत्तर: (1) टोक, प्रतापगढ़ एवं झालावाड़
मालव देश के अंतर्गत वर्तमान का टोंक, प्रतापगढ़ और झालावाड़ क्षेत्र आता था। मालवा क्षेत्र मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में फैला हुआ था। यहाँ के निवासी मालव कहलाते थे। मालव गणतंत्र का उल्लेख महाभारत और पुराणों में मिलता है। बाद में यह क्षेत्र परमार राजाओं के अधीन रहा।
10. शिवि जनपद की राजधानी थी-
सही उत्तर: (4) मध्यमिका
शिवि जनपद की राजधानी मध्यमिका थी जो वर्तमान में चित्तौड़गढ़ जिले के नगरी नामक स्थान पर स्थित थी। शिवि जनपद एक प्राचीन गणतंत्र था जिसका उल्लेख ऋग्वेद और महाभारत में मिलता है। यह जनपद चित्तौड़गढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा के क्षेत्र में फैला हुआ था। मध्यमिका एक समृद्ध नगर था जहाँ से प्राचीन सिक्के और अभिलेख प्राप्त हुए हैं।
11. बयाना प्रशस्ति किस राजवंश का वर्णन मिलता है-
सही उत्तर: (2) शूरसेन
बयाना प्रशस्ति में शूरसेन राजवंश का वर्णन मिलता है। शूरसेन जनपद मथुरा और भरतपुर क्षेत्र में स्थित था। बयाना (भरतपुर) से प्राप्त इस प्रशस्ति से पता चलता है कि यह क्षेत्र शूरसेनों के अधीन था। शूरसेनों का उल्लेख महाभारत और पुराणों में भी मिलता है। कृष्ण का जन्म इसी शूरसेन जनपद में हुआ था।
12. मत्स्य जनपद का उल्लेख किस वेद में मिलता है-
सही उत्तर: (2) ऋग्वेद
मत्स्य जनपद का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद के नदी सूक्त में मत्स्य जनपद का वर्णन है। मत्स्य जनपद वर्तमान जयपुर, अलवर और भरतपुर के क्षेत्र में स्थित था। इस जनपद की राजधानी विराटनगर (आधुनिक बैराठ) थी। महाभारत में भी मत्स्य जनपद का विस्तृत वर्णन मिलता है जहाँ पांडवों ने अपने अज्ञातवास का एक वर्ष बिताया था।
13. प्राचीन समय में गुहिल -सिसोदिया वंश का राज्य रहा था-
सही उत्तर: (1) मेवाड़
गुहिल-सिसोदिया वंश का राज्य मेवाड़ (वर्तमान उदयपुर और आसपास के क्षेत्र) में था। इस वंश की स्थापना गुहिल ने 6ठी शताब्दी में की थी। बाद में राणा हम्मीर (14वीं शताब्दी) के समय यह वंश सिसोदिया कहलाया। इस वंश ने चित्तौड़गढ़ को अपनी राजधानी बनाया और मेवाड़ पर लंबे समय तक शासन किया। महाराणा प्रताप इसी वंश के प्रसिद्ध शासक थे।
14. चौथी शताब्दी ई. पूर्व के यूनानी लेखकों ने सिकंदर के समय किस जनपद का उल्लेख किया है-
सही उत्तर: (3) शूरसेन
चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में यूनानी लेखकों ने सिकंदर के समय शूरसेन जनपद का उल्लेख किया है। यूनानी लेखकों ने इसे ‘सौरासेनोई’ कहा है जो मथुरा और भरतपुर क्षेत्र में स्थित था। शूरसेन जनपद की राजधानी मथुरा थी और यह कृष्ण से संबंधित होने के कारण प्रसिद्ध था। यूनानी लेखकों ने इस क्षेत्र की समृद्धि और यहाँ के लोगों की वीरता का वर्णन किया है।