ऊतक (Tissue) एवं पेशीय तंत्र (Muscular System)

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Chapter ऊतक (Tissue) एवं पेशीय तंत्र (Muscular System)


2. ऊतक (Tissue) एवं पेशीय तंत्र (Muscular System)

ऊतक (Tissue)

  • समान कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।
  • ऊतक का अध्ययन ऊतक विज्ञान या औतिकी या शरीरकोष विज्ञान (Histology) कहलाता है।
  • ‘ऊतक’ (Tissue) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम विचाट (Bichat) ने किया था।
  • हिस्टोलॉजी के जनक ‘मारसेलो मैल्पीघी’ (Marcello Malpighi) को कहा जाता है।
  • सबसे पहले ऊतक का विकास सीलेन्ट्रेटा संघ के जीव (हाइड्रा, जेली फिश) में हुआ था।

ऊतक चार प्रकार के होते हैं-

1. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

  • इस ऊतक से शरीर की सभी मांसपेशियां बनी होती हैं।
  • यह शरीर को रक्षा प्रदान करता है।
  • इसे संकुचनशील या Contractile Tissue कहते हैं।
  • इस ऊतक की कोशिका लंबी होती है तथा इन कोशिकाओं में एक तरल पदार्थ भरे रहते हैं। इस तरल पदार्थ को सार्कोप्लाज्म (Sarcoplasm) कहते हैं। मानव में कुल 639 मांसपेशियां पाई जाती हैं।
  • इस ऊतक का विकास मीसोडर्म (Mesoderm) से होता है।
  • इसकी उत्पत्ति भ्रूण के तीनों प्राथमिक जनन स्तरों (एक्टोडर्म, मीसोडर्म एवं एण्डोडर्म) से होती है।

2. तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)

  • इस ऊतक से मस्तिष्क, मेरुरज्जु (Spinal Cord) तथा सभी तंत्रिकाएं (Nerves) बने होते हैं।
  • यह सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
  • इस ऊतक में कोशिका विभाजन नहीं होता है।
  • तंत्रिका ऊतक की इकाई को ‘न्यूरॉन’ (Neuron) कहते हैं।

3. संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

  • यह ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। Ex: अस्थि (Bone), रक्त (Blood), लसीका (Lymph) आदि।
  • Bone – Solid Connective Tissue की बनी होती है।
Note:

  • रक्त तरल संवहन ऊतक की बनी होती है तथा यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।

4. उपकला / एडिपोज़ ऊतक (Epithelial Tissue)

  • इससे त्वचा बना होता है।
  • शरीर की आंतरिक अंगों की बाहरी परत इसी ऊतक की बनी होती है।
  • यह वसा (Fat) संग्रह तथा ऊतकों के बीच के स्थान को भरता है।
  • बुढ़ापे में वसा की कमी के कारण चेहरे में झुर्रियां पड़ जाती हैं।
  • वसा हमें चोट लगने से बचाता है।
  • वसा बहुत हल्का होने से ज्यादा जगह घेरता है।
  • महिलाओं में वसा पुरुषों की तुलना में अधिक होती है।
  • पुरुषों में वसा कम होने से उनका शरीर गठीला होता है।
  • यह प्राणी शरीर का सबसे सरल आवरण (Protective Tissues) या सुरक्षात्मक ऊतक है।

पेशीय तंत्र (Muscular System)

  • मांसपेशी का अध्ययन Myology कहलाता है।
  • मांसपेशी हमारे शरीर के कुल वजन का 50 प्रतिशत होता है।
  • प्राणियों में संयोजी ऊतकों का मुख्य घटक कोलेजन (Collagen) नामक प्रोटीन है।
  • मांसपेशियां शरीर में त्वचा के अंदर पायी जाती हैं। मांसपेशियों की कुल संख्या 639 होती है।
  • सबसे बड़ी मांसपेशी Gluteus Maximus (नितम्ब पेशी / Hips Muscle) है।
  • सबसे चौड़ी मांसपेशी Latissimus Dorsi (पीठ की एक चौड़ी मांसपेशी) है।
  • सबसे लम्बी मांसपेशी सार्टोरियस (Sartorius) (जांघ में) है।
  • सबसे छोटी मांसपेशी स्टेपेडियस (Stapedius) (कान) है।
  • सबसे मजबूत मांसपेशी जबड़ा (Masseter) है।
  • सर्वाधिक मांसपेशियां पीठ (180) में पाई जाती हैं।
Note:

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  • मैसेटर (Masseter) मांसपेशी दांतों के माध्यम से चबाने पर 90 किग्रा का बल लगाती है।
  • मांसपेशियों में मायोसीन (Myosin) नामक प्रोटीन पाया जाता है।
  • मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड (Lactic Acid) के जमाव के कारण थकान महसूस होता है।
  • मांसपेशी का लाल रंग Myoglobin वर्णक के कारण होता है।
  • इस ऊतक की कोशिका लंबी होती है तथा इन कोशिकाओं में एक तरल पदार्थ भरे होते हैं। इस तरल पदार्थ को सार्कोप्लाज्म (Sarcoplasm) कहते हैं।
  • सार्कोप्लाज्म को मांसपेशी कोशिका का साइटोप्लाज्म कहा जाता है।
  • इस ऊतक का मुख्य कार्य जीवों को प्रचलन (Movement) में मदद करना है।

मांसपेशियां तीन प्रकार की होती हैं–

(1) ऐच्छिक मांसपेशियां (Voluntary / Striated Muscles)

  • ये मांसपेशियां हमारी इच्छानुसार कार्य करती हैं। इन्हीं के कारण हम गति कर पाते हैं।
  • ये मांसपेशियां कंकाल से जुड़ी रहती हैं। अतः इन्हें कंकालीय पेशियां (Skeletal muscles) भी कहते हैं।
  • इनमें Light Band तथा Dark Band पाया जाता है।
  • इस पेशी का कुल भाग शरीर के कुल भार का 50% होता है।

(2) अनैच्छिक मांसपेशियां (Involuntary / Unstriated / Smooth)

  • ये पेशियां हमारी इच्छानुसार कार्य नहीं करती हैं क्योंकि ये कंकाल से नहीं जुड़ी रहती हैं।
  • इनमें Light Band तथा Dark Band नहीं पाया जाता है।
  • यह पेशी मुख्य रूप से नेत्र के आईरिस, वृषण, मूत्रवाहिनी, रक्तवाहिनी आदि में पाया जाता है।

(3) हृद्यक मांसपेशियां (Cardiac Muscles)

  • ये अनैच्छिक पेशियों का ही एक प्रकार है जो हृदय (Heart) में पाया जाता है। यह भी हमारी इच्छानुसार कार्य नहीं करता है।
  • इसका संकुचन मायोजेनिक (Myogenic) होता है, न कि न्यूरोजेनिक।
  • लैक्टिक अम्ल के जमा होने के कारण संकुचन (Contraction) क्रिया बंद हो जाती है, जिससे थकावट महसूस करते हैं।
  • यकृत (Liver) द्वारा लैक्टिक अम्ल धीरे-धीरे ग्लूकोज में बदल जाता है और थकावट की दशा समाप्त हो जाती है।
Remark:

  • एक मांसपेशी को दूसरे मांसपेशी से जोड़ने का काम Flexor (फ्लेक्सर) नामक पेशी का है, जिसके कारण यह सिकुड़ जाती है जबकि Extensor (एक्सटेन्सर) नामक पेशी के कारण फैल जाती है।
  • Flexor: यह मांसपेशी किसी अंग को मोड़ने का काम करती है; जैसे बाइसेप्स (Biceps) कोहनी को मोड़ती है।
  • Extensor: यह मांसपेशी किसी अंग को सीधा करने का काम करती है; जैसे ट्राइसेप्स (Triceps) कोहनी को सीधा करती है।
  • मांसपेशी को मांसपेशी से जोड़ने का काम fascia (फैसिया) ऊतक करता है।


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